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COMMENTARY

अच्छे दिन

May 18,2017 06:07:51 AM

प्रदीप सिंह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान अच्छे दिनों का जो वादा किया था उसे लेकर विपक्ष पूछ रहा है कि कहां हैं अच्छे दिन? Read More

शिकारा का शिकार

May 18,2017 06:14:51 AM

कुलदीप नैयर
कश्मीर में पत्थरबाजी पाकिस्तान के आदेश पर हो रही हो या फिर कट्टरपंथियों की पुकार पर, वास्तविकता यह है कि घाटी अशांत है। Read More

यहां हारेंगे मोदी

May 18,2017 06:00:44 AM

राजीव मिश्र
भाजपा गठबंधन के पास 5,31,954 वोट हैं जो राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के लिए जरूरी वोट से 17,488 कम हैं।विपक्ष कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है। Read More

खुद ही लड़ना पड़ेगा

May 18,2017 07:10:25 AM


प्रकाश सिंह
नक्सल प्रभावित राज्य सरकारें अपने आकलन के अनुसार माओवाद की समस्या से निपट रही हैं। कहीं नीतीश बाबू एक भाषा बोलते हैं तो ममता बनर्जी दूसरी Read More

कुटिल रणनीति

May 17,2017 08.29

सैयद अता हसनैन
लेफ्टिनेंट उमर फैयाज अनंतनाग के स्कूल से निकले थे और दिसंबर 2012 में नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) में शामिल हुए। Read More

एसेंबली चुनाव मोड में यूपी

March 03,2016 17:56:47 PM

सपा, बसपा व बीजेपी की नाक का सवाल, जदयू, रालोद, जदएस, कांग्रेस, राजद समेत कई छोटे दलों का बनेगा महागठबंधन,सपा के लिए सत्ताजनित नाराजगी तो मायावती के फेवर में उनका कड़क मिजाज, तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गई है बीजेपी

Read More

सम्मान का निरादर

October 20,2015 08:56:05 AM

शशि थरूर0साहित्यकारों द्वारा साहित्य अकादमी अवॉर्ड लौटाने से उपजा बनावटी विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। Read More

शेखी गायब

August 08,2015 09:14:50 AM

शेखर गुप्ता0सांसदों को इतने अधिकार और संरक्षण इसीलिए दिए गए हैं कि वे पूरी स्वतंत्रता से बोल सकें और नागरिकों की तरफ से फैसलों पर असर डालें फिर चाहे वे अल्पमत में ही क्यों न हों। Read More

लोक की कमाई खूब उड़ाई

May 18,2015 12:06:30 PM

देशपालसिंह पंवारःचुनाव दे रहे देश को घाव। 0-देश में हर कोई मानता है कि करप्शन की असली जड़ है राजनीति और राजनेता। सही नेता संसद व विधानसभा पहुंचे और देश-राज्य को सही ढंग से चलाएं । ये कहना जितना आसान दिखता है ऐसा होना उतना ही मुश्किल। Read More

बढ़ते गरीबःसंकट करीब

May 18,2015 12:24:45 PM

अरुण पंवारःखेती में ही किसान हो गया है खेत। भारत एक ऐसे मुहाने पर खड़ा है जहां से पार पाने के कोई आसार नजर नहीं आते। खाद्य संकट मुहाने पर है। ऐसा नहीं है कि केवल आबादी बढ़ रही हो और पैदावार घट रही हो बल्कि इन दोनों ही मसलों के अलावा इस मोरचे पर केंद्र और राज्य सरकारों की लापरवाही चरम पर है। Read More

 

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