Face Book Twitter
 
COMMENTARY
 

शेम-शेम: फर्जी थी खली की फाइट

March 03,2016 04-23-2018 10:50pm

  शेम-शेम: फर्जी थी खली की फाइट
रेसलर कृष्ण कुमार ने दी दो-दो हाथ करने की चुनौती-कानूनन डेथ वारंट पर देश में कोई साइन नहीं कर सकता, ब्लड केप्सूल से जनता को बेवकूफ बनाया, खली ने कहा-सब मेरी लोकप्रियता से जलते हैं, जब तक शरीर में दम है लड़ता रहूंगा
मनीष कुमार
देहरादून।  हलद्वानी व देहरादून की फाइट के बाद उत्तराखंड में दिलीप सिंह राणा उर्फ खली उर्फ महाबली कुछ ज्यादा ही लोकप्रिय हैं। हलद्वानी में पिटने व टूटने के बाद देहरादून में जीतने के कारण खली निशाने पर हैं। सब इसे फिक्स बता रहे हैं। कह रहे हैं कि जिसके माथे पर 7 टांके हों वो कैसे फाइट कर सकता है और दो मिनट में कनाडा के पहलवानों को हरा सकता है? एक बातचीत में खली ने वो राज बताया कि कैसे वो लड़े व जीते पर इंडिया के ही दूसरे रेसलर कृष्ण कुमार कह रहे हैं कि खली सच नहीं बोल रहे हैं। मेरे साथ लड़ लें तो साबित हो जाएगा कि वो गलत बोल रहे हैं। 
खली ने बताया कि उत्तराखंड के लोगों के जोश ने मेरे अंदर और एनर्जी पैदा कर दी, कहते हैं ना कि जख्मी शेर और ज्यादा खुंखार हो जाता है। हल्द्वानी के लोगों ने मुझे इतना प्यार दिया। लोग मेरा इतना सपोर्ट कर रहे थे कि मैं अपना दर्द बिसरा गया और उनके लिए मैंने जीत हासिल की। फिक्सिंग पर उन्होंने कहा कि लोगों की तो आदत होती है हर चीज पर गलत कमेंट करने की, मैं उनका मुंह तो बदं नहीं कर सकता। हमारा मैच लाइव देखने के लिए 60-70 हजार लोग आते हैं क्या हम उनको मूर्ख बना सकते हैं। क्या इतने लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा है? जब देश में मैच होता है तो दूसरी तरह की खुशी होती है, यहां के लोगों से जो इज्जत मिलती है, वो विदेशों में कहां मिलती हैं। यहां की क्राउड में कुछ अलग ही जोश होता है, जिससे हमारा हौसला बढ़ता है जीत पर लोग हमें सिर पर बैठा लेते हैं। जहां तक मेरी ताकत का सवाल है तो मैं इतनी ताकत के लिए खाने पर खास ध्यान देता हूं। मैं नाश्ते में 30-35 अंडे दूध और फ्रूट्स खाता हूं, इसके अलावा दोपहर के खाने में दाल, चिकन. चावल और रोटी खाता हूं। शाम को खाने में दाल और चिकन लेता हूं, इसके अलावा मैं 3 घंटे सुबह और 2 घंटे शाम को प्रैक्टिस करता हूं। देश में अब रेसलिंग की तरफ लोगों का रुझान बढ़ रहा है। हमारे देश की कई युवा अब रेसलिंग में दिलचस्पी लेने लगे हैं। मैं कोशिश कर रहा हूं, कि ज्यादा से ज्यादा युवा इस खेल में आएं। खली ने कहा कि मैं रिटायरमेंट के बारे में सोचता ही नहीं हूं, जब तक दम है तब तक रिटायर नहीं होऊंगा।
उधर रेसलर कृष्ण कुमार ने चैलेंज किया है कि अगर दम है तो खली मुझसे लड़ लें। सवाल उठाने वाले इंडियन रेसलर्स ने कहा कि मैं चाहता हूं कि इस तरह की फेक फाइट बंद हो। कुमार ने कहा कि फेक रेसलिंग की बजाए खली मुझसे लड़ें, ताकि दुनिया जाने कि असली फाइटिंग क्या होती है? ओलिंपिक में 125 किलो कैटेगरी में रेसलिंग करने वाले कुमार ने कहा कि मैं चाहता हूं कि खली देश को बेवकूफ बनाना बंद करें। मैं उन्हें फाइट करने के लिए चैलेंज करता हूं। वे किसी तरह की रेसलिंग कर सकते हैं। 80 किलो या उससे अधिक वेट वाला कोई रेसलर उनसे फाइट करने के लिए तैयार है।उन्होंने कहा कि खली सरीखी फाइट के  लिए राइटर्स बाकायदा स्क्रिप्ट लिखते हैं। हार-जीत के साथ ही रेसलर्स के मूव फिक्स होते हैं। रेसलर के पास री-टेक का मौका नहीं होता। स्क्रिप्टेड फाइट होने के कारण फीस पहले से तय होती है। ये रेसलर की स्टार वैल्यू के हिसाब से होती है। इसलिए हारने वाले को ज्यादा पैसा मिलता है। खून थूकने के इफेक्ट के लिए ब्लड कैप्सूल इस्तेमाल किए जाते हैं। बाकी मौकों पर खून असली ही होता है। फाइट के दौरान कई बार रेसलर्स को चोटें लग चुकी हैं। उन्होंने कहा कि देश के कानून के तहत आप डेथ वारंट साइन कर ही नहीं सकते। सब नकली है। 

Total Hits:- 306

add a COMMENT

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Name *

Email Address *

Mobile No.

Comment *

 
 

Advertisement

 
 
 
 
Home | About Us | Contact Us | Advertise With Us
Design & Developed by Web Top Solutions