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COMMENTARY

लोक की कमाई खूब उड़ाई

May 18,2015 12:06:30 PM

देशपालसिंह पंवारःचुनाव दे रहे देश को घाव। 0-देश में हर कोई मानता है कि करप्शन की असली जड़ है राजनीति और राजनेता। सही नेता संसद व विधानसभा पहुंचे और देश-राज्य को सही ढंग से चलाएं । ये कहना जितना आसान दिखता है ऐसा होना उतना ही मुश्किल। Read More

नेट से कमाई परफेक्ट

May 18,2015 12:11:11 PM

नैन्सी पंवारःहर माह 100 अरब रुपए का है खेला। दिन में ही जुगनुओं को पकड़ने की जिद करें, बच्चे हमारे दौर के बहुत चालाक हो गए। 0- यूथ को घर में एक दिन रोटी ना मिले तो अक्ल ठिकाने आ जाती है, हां अगर उसे इंटरनेट दे दें तो वो सात दिन तक शक्ल नहीं दिखाएगा। Read More

पराए माल से हलाल

May 18,2015 12:14:28 PM

कुमार वरुणःदेशी सामान बचाएगा हमारा सपना। 0-भारतीय अर्थव्यवस्था का हाल किसी से छिपा नहीं है। रुपए की हालत खस्ता है और डालर चमक रहा है। ऐसा भी नहीं है कि डालर चमकने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था चमक रही हो लेकिन हां ये कड़वा सच जरूर है कि भारतीय अर्थव्यवस्था जरूर चौपट हो रही है। Read More

बढ़ते गरीबःसंकट करीब

May 18,2015 12:24:45 PM

अरुण पंवारःखेती में ही किसान हो गया है खेत। भारत एक ऐसे मुहाने पर खड़ा है जहां से पार पाने के कोई आसार नजर नहीं आते। खाद्य संकट मुहाने पर है। ऐसा नहीं है कि केवल आबादी बढ़ रही हो और पैदावार घट रही हो बल्कि इन दोनों ही मसलों के अलावा इस मोरचे पर केंद्र और राज्य सरकारों की लापरवाही चरम पर है। Read More

असली धर्मनिरपेक्षता-नकली ठेकेदार

May 18,2015 12:31:52 PM

देशपालसिंह पंवारःअंधी दौड़- बेढ़ंगी होड़. 0-भारत भले ही दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश हो लेकिन 70 के दशक तक यहां राज करने का हक सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस ने ही अपनी बपौती मान रखा था। Read More

गुलाम मीडिया

May 17,2015 17:01:03 PM

अरुण पंवारःभारतीय मीडिया की है बेढंगी चाल। O विदेशी पूंजी निवेश के नाम पर हिंदुस्तान का ज्यादातर मीडिया विदेशी कर्जदार है। हिस्सेदार हैं। बचे हैं वो या तो उनकी रेंज नहीं या उनमें विदेशी इच्छा के मुताबिक चेंज करने की कुव्वत नहीं। Read More

खैरात में जिंदगी

May 17,2015 18:26:04 PM

नैन्सी पंवारःसमय होत बलवान-करो तो कल्याण। 0 हर रात जब ठीक 12 का समय होता है तो ईश्वर या जो आप मानते हों वो हम सबके खाते में फिर 24 घंटे का निवेश करता है यानी समय। यानी 1440 मिनट या 86400 सैकंड। अब जो निवेश करता है, वो हिसाब तो मांगेगा। Read More

पछताओगे

May 17,2015 18:37:42 PM

मिथलेशःपियक्कड़ों का जमाना-बस रोना-धोना। 0 जनाब आदाब- बहुत खराब है शराब। मत पीओ। मानोगे तो हो नहीं। लत पड़ी है ना। कहोगे- आदत पड़ गई है। शाम होते ही बैचेनी हो जाती है। ना मिले तो सिरदर्द हो जाता है। Read More

चुगलखोरी

May 17,2015 18:46:41 PM

मिथलेशःचुगलखोरी का चौतरफा खूब बोलबाला। 0सच तो एक परिंदा है,घायल है पर जिंदा है।देश में सवा अरब से ज्यादा जुबान हैं। बच्चों-बूढ़ों की 40 करोड़ और अपवाद स्वरूप 5 करोड़ मजलूम और ताकतवर जुबानों को अगर छोड़ दिया तो बाकी सब जुबान कैंची की तरह चलती है। Read More

नरक मत बनाओ

May 17,2015 18:49:58 PM

नैन्सी पंवार

घटिया इंसान- देश बना थूकदान। 0किसी से कह कर तो देखो-सुधर जाओ। दबंग हुआ तो आपको सुधार देगा। दो-चार हड्डी पर जलजला आ जाएगा। ज्यादा शरीफ हुआ तो कमी पूछेगा। हां बहस घंटों करेगा।
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