Face Book Twitter
 
COMMENTARY
 

About Us

 

नमस्कार

आपका ये परचा किसी परीक्षा से ताल्लुक नहीं रखता। अाजादी के समय देश में अखबारों को परचा ही कहा जाता था। लिहाजा आज भी अपनी भाषा में परचे ही हैं। फरवरी 2011 में जब इसकी नींव रखी तो इरादा कुछ एेसा ही था कि हर सुबह की चाय की चुस्कियों के साथ आप सबको हर क्षेत्र का वो पढ़ने को मिले जो ना दिखाया जाता और ना पढ़ाया जाता। यानी खबर केवल वो नहीं जो दिखाई और पढ़ाई जा रही है बल्कि भारतीय मीडिया में खबर छुपाने का रोग कैंसर से ज्यादा खतरनाक हो चुका है। सकारात्मक सोच के साथ हमनें अपनी शुरुआत की थी। दिक्कतें तकनीकी ज्यादा आईं पर कारवां चलता रहा। एक बार फिर नए जोश व रंग-रूप के साथ आपके सामने हैं। अगला इरादा एक नेशनल मैगजीन का है जो इसी साल आपके हाथों में होगी। अाप सबके सहयोग की आकांक्षा हमेशा रहेगी। धन्यवाद।

आपका

देशपाल सिंह पंवार

8979155656

dpspanwar@yahoo.com 

 

Advertisement

 
 
 
 
Home | About Us | Contact Us
Design & Developed by Web Top Solutions